आवास निर्माण के साथ आजीविका संवर्धन व 90 दिवस की मजदूरी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
जांजगीर–चांपा, 4 जनवरी 2026/ जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गोकुल रावटे द्वारा जनपद पंचायत पामगढ़ अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में निर्माणाधीन कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने पामगढ़ विकासखंड के ग्राम लोहरसी, धरदेई एवं मेउभाटा का दौरा कर प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों की प्रगति का स्थल पर जाकर जायजा लिया। उन्होंने हितग्राहियों से प्रत्यक्ष संवाद कर आवास निर्माण की वर्तमान स्थिति, निर्माण की गुणवत्ता, सामग्री उपयोग, मजदूरी भुगतान एवं समय-सीमा के पालन की जानकारी प्राप्त की।
सीईओ श्री रावटे ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के प्रत्येक पात्र हितग्राही को 90 दिवस की अकुशल श्रमिक मजदूरी का लाभ अनिवार्य रूप से दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण कार्य को शासन द्वारा निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए, ताकि हितग्राहियों को समय पर पक्का आवास उपलब्ध हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल आवास निर्माण तक सीमित न रहे, बल्कि इससे जुड़े आजीविका एवं रोजगार के अवसरों का भी समुचित लाभ हितग्राहियों तक पहुंचे। इसी क्रम में सीईओ ने मांग के आधार पर तकनीकी मापदंडों के अनुरूप आजीविका डबरी निर्माण कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, आजीविका डबरी के माध्यम से हितग्राहियों के लिए आजीविका संवर्धन की योजना तैयार कर उसे प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री रावटे ने प्रत्येक माह की 7 तारीख को आयोजित होने वाले रोजगार दिवस एवं आवास दिवस को प्रभावी ढंग से मनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन अवसरों पर हितग्राहियों से क्यूआर कोड स्कैन करवाकर शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि ग्रामीणजन योजनाओं के प्रति जागरूक हों और उनका अधिकतम लाभ उठा सकें।
जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित अधिकारियों एवं मैदानी अमले को हितग्राहियों के साथ सतत समन्वय बनाए रखने, कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन समय-समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
इस निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि एवं संबंधित मैदानी अमला उपस्थित रहा।


