
राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में छठ महापर्व की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को विस्तार से बताया कि सरकार कैसे इस बार छठ पूजा को पर्यावरण और स्वच्छता से जोड़कर “स्वच्छ यमुना, शुभ छठ” थीम पर काम कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि यमुना की सफाई और घाटों के विकास के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहयोग और तकनीकी मदद दी जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार सरकार ने छठ पूजा को लेकर अब तक की सबसे बड़ी तैयारी की है। 200 से अधिक घाटों को तैयार किया जा रहा है, जिन पर अस्थायी पुल, लाइटिंग, शेड, मोबाइल टॉयलेट और पेयजल की व्यवस्था होगी। इसके अलावा यमुना में प्रदूषण को रोकने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं जो लगातार निगरानी करेंगी यह बैठक बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नई दिल्ली में हुई, छठ पूजा से पहले मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर यह सुनिश्चित करने की कोशिश की हैंबैठक नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में आयोजित की गई थी बैठक में मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली सरकार के कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने यमुना सफाई और छठ पूजा की व्यवस्थाओं से जुड़ी प्रस्तुति दी। प्रधानमंत्री ने भी यमुना सफाई मिशन के तहत चल रहे केंद्र के प्रोजेक्ट्स की जानकारी साझा की।मुख्य भूमिका में दिल्ली के मुख्यमंत्री (संभावित रूप से अरविंद केजरीवाल) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहे। इसके अलावा दिल्ली जल बोर्ड, पर्यावरण विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री की रिपोर्ट को ध्यान से सुना और टीम की तैयारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य भी यही है कि यमुना और देश की सभी प्रमुख नदियाँ साफ और प्रदूषण मुक्त रहें।यमुना नदी की सफाई को गति देना, जो दिल्ली और आसपास के पर्यावरण के लिए अत्यंत आवश्यक हैमुख्यमंत्री ने बताया कि यमुना की सफाई सिर्फ छठ पूजा तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह एक दीर्घकालिक अभियान के रूप में जारी रहेगी। प्रधानमंत्री ने भी इस दिशा में केंद्र की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया हैं