

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें दिवाली के मौके पर अपने बेटे से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। बघेल ने इस फैसले को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है। भूपेश बघेल ने केंद्र से अपने बेटे से मिलने की इजाजत मांगी थी, लेकिन गृह मंत्रालय ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अनुमति देने से इंकार कर दिया। इसके बाद बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह केवल एक पिता की अपने बेटे से मिलने की इच्छा थी, लेकिन उसे भी राजनीति में घसीटा जा रहा है।भूपेश बघेल ने कहा, “मैंने सिर्फ अपने बेटे से मुलाकात की अनुमति मांगी थी, लेकिन केंद्र ने इसे भी नकार दिया। यह मानवीय नहीं बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है।”कांग्रेस नेताओं ने भी केंद्र के इस रवैये की आलोचना की है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं के साथ दुर्भावना से व्यवहार कर रही है। वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि कानून और सुरक्षा नियमों के तहत यह निर्णय लिया गया है और इसमें कोई राजनीति नहीं है। भूपेश बघेल हाल ही में कई केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दायरे में आए हैं। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद वे लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखते हैं।