
भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार को केंद्र से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केवल 8 हजार करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। इस राशि में राज्य की कई प्रमुख विकास योजनाओं को शामिल नहीं किया गया है। खासकर केन-बेतवा लिंक परियोजना, प्रधानमंत्री ई-बस योजना और प्रधानमंत्री आवास शहरी योजना के लिए इस बार कोई अलग फंड जारी नहीं हुआ है।राज्य सरकार ने केंद्र से इन योजनाओं के लिए विशेष बजटीय सहायता की मांग की थी, लेकिन आवंटन सूची में इन परियोजनाओं का नाम नहीं आने से सरकार को झटका लगा है। इससे उन योजनाओं की रफ्तार प्रभावित हो सकती है, जिनका सीधा असर आम जनता के जीवन और रोजगार पर पड़ता है।केन-बेतवा लिंक परियोजना को बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संकट खत्म करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस योजना के तहत केन नदी को बेतवा नदी से जोड़कर हजारों हेक्टेयर जमीन को सिंचाई के दायरे में लाने का लक्ष्य था। केंद्र और राज्य के बीच हुए समझौते के तहत परियोजना की कुल लागत का बड़ा हिस्सा केंद्र को वहन करना था।लेकिन इस बार केंद्र से फंड न आने से इस परियोजना की प्रगति पर प्रश्नचिह्न लग गया है। अधिकारी मान रहे हैं कि यदि अगले वित्तीय आवंटन में फंड नहीं बढ़ा, तो निर्माण कार्य की रफ्तार पर सीधा असर पड़ेगा।