
नई दिल्ली। में वायु प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंचता जा रहा है। सोमवार को शहर की हवा में प्रदूषक तत्वों का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की तय सीमा से करीब 15 गुना अधिक दर्ज किया गया हैं राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया है, जिससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के अनुसार, आनंद विहार, वजीरपुर, पंजाबी बाग और आरके पुरम जैसे इलाकों में AQI 450 के पार चला गया हैं जबकि WHO के मानकों के अनुसार सुरक्षित सीमा 50 से नीचे मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि दीपावली के बाद से प्रदूषण के स्तर में तेज़ी आई है, जिसमें पटाखों का धुआं, पराली जलाने और मौसम में ठहराव का प्रमुख कारण है हवा की गति कम होने के कारण प्रदूषक तत्व नीचे ही फंसे रह रहे हैं।सरकार ने स्थिति को देखते हुए कई कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत दिल्ली में निर्माण कार्यों पर रोक, स्कूलों को बंद करने की संभावनाएं और डीजल वाहनों पर पाबंदी जैसे उपाय लागू किए जा सकते हैं।