
महासमुंद जिले हैवानियत की इंतहा हो गई , चोरी का आरोप लग कर 12 साल के बच्चे को निर्वस्त्र कर पीटा, तीन घंटे तक बच्चे को निर्वस्त्र कर बांध कर रखा गया। बच्चे के पिता को दी जान से मारने की धमकी, अपमान से तिलमिलाए पिता ने जहर खाकर कर मौत को लगाया गले । मामले पर पुलिस 2 माह तक सिर्फ जांच के नाम पर खाना पूर्ति करती रही ।यह पूरा मामला महासमुंद जिले के आदर्श थाना तेंदूकोना के बुंदेली चौंकी के ग्राम कोल्दा का मामला है। इस गांव में 12 अक्टूबर 2025 को घटी घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया । गांव के गरीब परिवार का 12 वर्षीय बालक को गांव के दुकानदार गिरवर चक्रधारी और मनोज चक्रधारी कभी – कभी बच्चे से दुकान पर छोटा-मोटा काम करवा लेते थे, बदले में बिस्किट-चॉकलेट दे देते थे। 12 अक्टूबर सुबह 9 बजे बच्चे को फिर बुलाया। बच्चे को काम करवाने के बाद 500 रुपए चोरी का झूठा इल्ज़ाम लगाया । बच्चे को कमरे में बंद कर निर्वस्त्र किया पीटा और 3 घंटे तक बंधक भी बना कर रखा । मामले की जानकारी जब बच्चे को पिता देवकुमार साहू को पता चला तो वो बच्चे को छुड़ाने पहुंचे। और चोरी का आरोप सुन बच्चे को पीटते हुए घर ले आए। उसी शाम जब चला कि 500 रुपये तो दुकान में ही कहीं रखे थे, बच्चा बेकसूर था!
तब देवकुमार ने झूठा आरोप लगाने वाले लोगों पर नाराजगी जताई तो दुकानदार गिरवर चक्रधारी और मनोज चक्रधारी ने ग्रामीणों के सामने ही देवकुमार के साथ ही मारपीट कर घर से उठवा लेंगे और जान से मार देने की धमकी भी दे डाली ।गरीब देव कुमार अपनी गरीबी और बेचारगी से लाचार अपमान, डर और दहशत के चलते अगली सुबह 13 अक्टूबर 2025 को ज़हर खा कर अपनी जीवन लीला हो समाप्त कर ली ।मामले की शिकायत बुंदेली चौंकी में किया गए चौकी प्रभारी के कार्यवाही न करने वाले रवैया के चलते विधवा पूर्णिमा साहू और 12 साल के बच्चे ने न्याय की गुहार के लिए आदर्श थाना तेंदुकोना , पुलिस अधीक्षक महासमुंद और कलेक्टर जनदर्शन तक शिकायत कर डाली । 2 माह बीत जाने के बाद भी आज तक दोषियों पर कार्यवाही नहीं हो पाई है बुंदेली चौकी प्रभारी ई मामले पर 2 माह से सिर्फ जांच का हवाला दे रहे है ।