
अफगानिस्तान और पाकिस्तान ने दोहा में हुई बातचीत के बाद एक महत्वपूर्ण युद्धविराम समझौते का पालन करने का वचन दिया है। दोनों देशों के बीच पिछले सप्ताह बढ़ते तनाव और हिंसा के बाद यह समझौता हुआ है की इसमें दर्जनों लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए थे।दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने का आश्वासन दिया। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी आतंकवादी समूह का समर्थन न करने का वचन भी दियादोहा वार्ता में कतर और तुर्की ने मध्यस्थता की। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मोलवी मुहम्मद याकूब मुजाहिद और पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने इस समझौते की पुष्टि की। दोनों देशों ने 25 अक्टूबर को इस्तांबुल में एक और बैठक करने का निर्णय लिया है, ताकि समझौते के प्रभाव और स्थायी शांति की दिशा में कदमों की समीक्षा की जा सके।