

नई दिल्ली। रोशनी के त्योहार दीपावली की चमक के बीच दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। रविवार रात आतिशबाजी और पराली जलाने के मामलों के कारण राजधानी की वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई हैं जिससे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, दिल्ली के 38 में से 34 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन ‘रेड जोन’ यानी ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किए गए हैं।सोमवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 454 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। कई इलाकों जैसे आनंद विहार, वजीरपुर, बवाना, रोहिणी और जहांगीरपुरी में AQI 480 से ऊपर तक पहुंच गया हैं वहीं, कुछ इलाकों में तो AQI ने 490 का आंकड़ा भी छू लिया हैं दीपावली से पहले दिल्ली सरकार ने पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था, लेकिन इसके बावजूद कई इलाकों में रातभर आतिशबाजी होती रही। साथ ही, हरियाणा और पंजाब से आने वाली पराली की धुएं की परत ने दिल्ली की हवा को और ज्यादा दूषित कर दिया। सफर (SAFAR) के मुताबिक, पराली जलाने से उत्पन्न धुएं का हिस्सा दिल्ली के कुल प्रदूषण में लगभग 25% तक पहुंच गया है।CPCB और मौसम विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, दीपावली की रात हवा की गति बेहद कम रही, जिससे प्रदूषक कण वायुमंडल में फंसे रहे और उनका फैलाव अच्छी तरह नहीं हो पाया।जिसकी वजह तापमान गिरने से भी वायु में नमी बढ़ी, जिससे प्रदूषण कण नीचे की ओर जमा हो गए।