
नवागांव, औंधी में स्थित नवनिर्मित प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास की हालत बेहद चिंताजनक है। 152.97 लाख रुपए की लागत से बने इस छात्रावास भवन में निर्माण के कुछ ही समय बाद गहरी दरारें, उखड़ा हुआ प्लास्टर, और छतों से पानी का लगातार सीपेज देखने को मिल रहा है। इन खामियों के कारण छात्रावास में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर ग्रामवासियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।कई वर्षों तक यह छात्रावास उधारी के जर्जर भवन में संचालित होता रहा,

जहां सीमित संसाधनों के बीच छात्राओं को कठिन परिस्थितियों में रहना पड़ता था। शासन द्वारा नई इमारत के निर्माण के लिए लाखों रुपए खर्च किए गए, ताकि छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।लेकिन निर्माण कार्य में ठेकेदार की लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते नई इमारत भी सीपेज और संरचनात्मक दरारों की चपेट में आ गई है। इससे न केवल छात्राओं की सुरक्षा खतरे में है,

बल्कि ग्रामीणों में भी नाराज़गी बढ़ती जा रही है।वनांचल क्षेत्रों में ऐसे कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन उच्च अधिकारियों और शासन द्वारा ठोस कार्रवाई ना किए जाने की वजह से निर्माण एजेंसियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। परिणामस्वरूप विकास कार्य गुणवत्ता के बजाय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते जा रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले में सख्त जांच और आवश्यक सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो इसका सीधा असर छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षा दोनों पर पड़ेगा।