खैरागढ़. छत्तीसगढ़ की पारंपरिक सांस्कृतिक मान्यताओं के अनुरूप पांचवें अगहन वृहस्पति पूजा का आयोजन गुरुवार 04 दिसंबर 2025 को रानी मंदिर छुईखदान में महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से किया गया। मंदिर समिति के संरक्षक लतारानी लाल जे.के. वैष्णव ने बताया कि पूजा में मां लक्ष्मी के प्रतिष्ठित कलश, धान की बाली, रखिया कांदा तथा अन्य पूजन सामग्री के साथ महिलाओं ने कथा वाचन और हुंकारू देकर विशेष परंपरा निभाई।
पूजा से पूर्व बुधवार शाम से ही घरों व मंदिर परिसर की साफ–सफाई, गोबर से लीपन, चौक–रंगोली, चूना से चौंक निर्माण और मां लक्ष्मी के चरण चिन्ह बनाने की परंपरा का पालन किया गया। गुरुवार को सुबह, दोपहर और शाम तीन समय पूजा संपन्न हुई, जिसमें श्यामबाला, नल–दमयंती, सीरिया–पीरिया ब्राह्मण कन्या एवं सहस्त्र कमल दल की कथा का वाचन हुआ।
भोग में मीठा चीला, बोबरा, मालपुआ, खीर, हलवा, पूरनपूड़ी सहित विभिन्न प्रसाद अर्पित किया गया। पूजा में बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता रही। भोग–प्रसाद वितरण लतारानी वैष्णव द्वारा किया गया।