

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। शहर के कई इलाकों में नकली दूध और पनीर के कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। बताया जा रहा है कि केमिकल और मिल्क पाउडर मिलाकर नकली दूध तैयार किया जा रहा था, जिससे पनीर बनाकर होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट्स में सप्लाई की जा रही थी। ये नकली पनीर करीब 200 रुपए किलो में बाजार में बिक रहा था।जानकारी के अनुसार, जांच टीम को सूचना मिली थी कि शहर में कुछ स्थानों पर असली दूध की जगह केमिकल मिश्रित नकली दूध बनाकर बेचा जा रहा है। इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने छापेमारी की। मौके से रासायनिक पदार्थ, सिंथेटिक मिल्क पाउडर और तैयार नकली पनीर के पैकेट बरामद किए गए।प्राथमिक जांच में पाया गया कि नकली दूध और पनीर में इस्तेमाल किए जा रहे रसायन लीवर, किडनी और पाचन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन पदार्थों का लगातार सेवन करने से शरीर में टॉक्सिन जमा हो जाते हैं, जिससे लिवर डैमेज और किडनी फेलियर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि बरामद सैंपल को लैब जांच के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि दूध या पनीर खरीदते समय सतर्क रहें और शक होने पर तुरंत शिकायत करें।