
दुनिया के कई देशों में इन दिनों अचानक खांसी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। भारत में भी ज्यादातर लोग एक जैसी शिकायत कर रहे हैं—गले में खराश, खांसी, नाक बहना और हल्का बुखार। विशेषज्ञों के अनुसार, यह लक्षण फिलहाल किसी “नए वायरस” से नहीं बल्कि पुराने मौसमी वायरसों की बढ़ती सक्रियता से जुड़े हैं।जापान ने हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर ‘इन्फ्लूएंजा महामारी’ (Flu Epidemic) घोषित की है। वहां हर हफ्ते हज़ारों लोग फ्लू जैसी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर के अंतिम हफ्ते में ही 4,000 से ज्यादा नए केस दर्ज हुए।स्कूलों में संक्रमण तेजी से फैलने के कारण कई जगह कक्षाएं बंद करनी पड़ीं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार फ्लू सीजन सामान्य समय से करीब 5 हफ्ते पहले शुरू हो गया, जिससे संक्रमण का असर ज्यादा दिख रहा है।जापान, चीन और दक्षिण कोरिया में बढ़ रहे संक्रमण के बीच “नए वायरस” की आशंका को लेकर चर्चाएं तेज हैं। दरअसल चीन में हाल के हफ्तों में Human Metapneumovirus (hMPV) और Mycoplasma pneumoniae जैसे संक्रमणों के केस बढ़े हैं।इन वायरसों के लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे होते हैं—खांसी, नाक बंद, सिरदर्द और थकान। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये पहले से मौजूद वायरस हैं, लेकिन मौसम बदलने और कमज़ोर इम्युनिटी की वजह से फिर से सक्रिय हो गए हैं।