
https://x.com/ANI/status/1977302540980023344?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1977302540980023344%7Ctwgr%5Ede2e7c88b5c39e300e8ea0269b398b2f99ce2fd9%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fapi-news.dailyhunt.in%2F
अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने रविवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की।इस बार तालिबान ने अपनी पिछली गलती सुधारते हुए महिला पत्रकारों को भी शामिल होने की अनुमति दी।पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को आमंत्रित नहीं किया गया था, जिसके बाद तालिबान की जमकर आलोचना हुई थी।—🔹 पिछली बार महिलाओं को क्यों नहीं बुलाया गया?सोशल मीडिया पर मुत्तकी की पुरानी प्रेस कॉन्फ्रेंस की तस्वीरें खूब वायरल हुई थीं, जिनमें सिर्फ पुरुष पत्रकार दिखाई दे रहे थे।जब विवाद बढ़ा तो मुत्तकी ने सफाई दी —> “यह जानबूझकर नहीं किया गया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस की जानकारी बहुत कम समय में दी गई थी और निमंत्रण एक सीमित सूची के अनुसार भेजा गया था।”—🎓 लड़कियों की शिक्षा पर मुत्तकी का जवाबएक महिला पत्रकार ने सवाल किया कि जब ईरान, सऊदी अरब और सीरिया में लड़कियों की पढ़ाई पर रोक नहीं है, तो अफगानिस्तान में क्यों है?इस पर मुत्तकी ने कहा —> “अफगानिस्तान के देवबंद और दुनिया भर के उलेमाओं से गहरे रिश्ते हैं। हमारे स्कूलों में एक करोड़ छात्र पढ़ रहे हैं, जिनमें से 28 लाख महिलाएं और लड़कियां हैं।हमने शिक्षा को हराम नहीं कहा है, बस इसे ‘दूसरे आदेश’ तक के लिए टाल दिया गया है।”—📸 दानिश सिद्दीकी की मौत पर प्रतिक्रिया2021 में पुलित्ज़र विजेता भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी की अफगानिस्तान में मौत पर मुत्तकी ने कहा —> “अफगानिस्तान ने चार दशकों तक युद्ध झेला है। इस दौरान पत्रकारों और शिक्षाविदों की भी जानें गईं।हमें इस पर खेद है। हमारे शासन के पिछले चार वर्षों में किसी भी पत्रकार या व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचा है।”—🤝 भारत-अफगान रिश्तों पर चर्चामुत्तकी ने बताया कि उनकी मुलाकात भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से हुई,जहां विकास परियोजनाओं को फिर से शुरू करने,अफगान राजनयिकों की वापसी,और देवबंद के साथ छात्र विनिमय कार्यक्रम (स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम) पर चर्चा हुई।उन्होंने यह भी कहा कि अमृतसर और अफगानिस्तान के बीच सीधी उड़ानें जल्द शुरू होंगी।तालिबान ने चाबहार पोर्ट के जरिए व्यापार बढ़ाने और वाघा बॉर्डर खोलने की अपील की है।—⚔️ पाकिस्तान पर बयानपाकिस्तान के साथ सैन्य झड़पों पर मुत्तकी ने कहा —> “हमारा पाकिस्तान के लोगों से कोई झगड़ा नहीं है, लेकिन कुछ लोग समस्याएं पैदा कर रहे हैं।अगर बातचीत से हल नहीं निकला, तो और भी रास्ते हैं।”उन्होंने साफ कहा कि TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) का अफगानिस्तान में कोई ठिकाना नहीं है।—🏛️ भारत सरकार ने बनाई दूरीपिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को न बुलाने परएडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और इंडियन विमेंस प्रेस कॉर्प्स (IWPC) ने कड़ा विरोध जताया था।हालांकि, भारत सरकार ने सफाई दी —> “अफगान विदेश मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस से भारत सरकार का कोई संबंध नहीं था।”—🌍 तालिबान की अंतरराष्ट्रीय छवि सुधारने की कोशिशइस प्रेस कॉन्फ्रेंस से साफ है कि तालिबान वैश्विक मंच पर अपनी छवि सुधारने और वैध सरकार के रूप में मान्यता पाने की कोशिश कर रहा है।महिला पत्रकारों को आमंत्रित करना उसी दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है।