


रायपुर। गिधपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम खपरीभ में स्थित सदियों पुराने महामाया मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय और गिधपुरी थाना का घेराव कर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।ग्रामीणों के दबाव के बाद एसडीएम दीपक निकुंज ने मौके पर हस्तक्षेप करते हुए विवादित स्थल पर चल रहे निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए।ग्रामीणों के आरोपग्रामीणों का कहना है कि बाहरी व्यक्ति मुकेश झा ने महामाया मंदिर के पास की सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध निर्माण शुरू कर दिया है। इसके कारण मंदिर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बाधित हो रही है और गांव के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंच रहा है।ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि उक्त व्यक्ति ने फर्जी तरीके से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत कराए हैं। इसके अलावा, गांव की दूसरी जमीन पर भी दो पीएम आवास एक ही भवन पर स्वीकृत कर पैसे की गबन की गई है। ग्रामीणों ने इन मामलों की जांच और मंदिर भूमि से कब्जा हटाने की मांग की।
बढ़ा ग्रामीणों का आक्रोशमामला तब और गर्मा गया जब ग्रामीणों द्वारा समझाने पर मुकेश झा और उसके सहयोगियों ने उन्हें धमकाने की कोशिश की। ग्रामीणों का आरोप है कि वह खुद को पत्रकार बताकर और थाने में अपनी पहुंच का हवाला देकर लोगों को डराने का प्रयास कर रहा है।इसके बाद ग्रामीण 8 से 10 ट्रैक्टरों में सवार होकर लगभग 500 से 700 की संख्या में एसडीएम कार्यालय और गिधपुरी थाना पहुंचे। वहां उन्होंने जोरदार नारेबाजी करते हुए “बिहारी भगाओ, गांव बचाओ” जैसे नारे लगाए और थाना प्रभारी को एक लिखित आवेदन सौंपा।प्रशासन की कार्रवाईएसडीएम दीपक निकुंज (पलारी) ने बताया कि,> “ग्रामीणों द्वारा महामाया मंदिर परिसर में अवैध कब्जा कर भवन निर्माण की शिकायत मिलने पर निर्माण कार्य तत्काल रोक दिया गया है। मामले की गहनता से जांच जारी है, और नियमानुसार अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।”वहीं थाना प्रभारी संदीप बंजारे (गिधपुरी) ने कहा,> “ग्रामीणों ने लिखित शिकायत दी है कि मुकेश झा द्वारा मंदिर परिसर में बेजा कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है। विरोध करने पर ग्रामीणों को धमकाया गया। ग्रामीणों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। चूंकि यह भूमि विवाद से जुड़ा मामला है, इसलिए इसकी जांच राजस्व विभाग द्वारा की जाएगी।”