
बलौदाबाज़ार-भाटापारा, 2 नवंबर 2025।छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य को 1 नवंबर से पर्यटकों के लिए फिर से खोल दिया गया है। वर्षा ऋतु के दौरान अस्थायी रूप से बंद किए गए इस अभ्यारण्य की प्राकृतिक सुंदरता अब अपने पूरे शबाब पर है। हरी-भरी वादियां, झरने और विविध वन्यजीवों की उपस्थिति इसे एक बार फिर पर्यटन का आकर्षण बना रही है।रायपुर से लगभग दो घंटे की दूरी पर स्थित बारनवापारा, छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख वन्यजीव एवं ईको-टूरिज्म गंतव्य है। इस वर्ष यहां आने वाले पर्यटकों के लिए तीन प्रवेश द्वार — पकरीद, बरबसपुर और रवान — निर्धारित किए गए हैं, जिनसे सफारी की सुविधा उपलब्ध रहेगी।नया आकर्षण: ‘लेपर्ड सफारी जोन’इस बार पर्यटकों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया लेपर्ड सफारी जोन प्रमुख आकर्षण रहेगा। यहां पर्यटक तेंदुए, भालू, गौर, कृष्णमृग जैसे कई वन्यजीवों को नज़दीक से देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।अभ्यारण्य में लगभग 200 से अधिक पक्षी प्रजातियां भी देखी जा सकती हैं, जो इस क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का प्रमाण हैं।प्रकृति और शांति का संगमबारनवापारा केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए ही नहीं, बल्कि प्रकृति, शांति और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी एक आदर्श स्थल है। सघन वनों में फैली हरियाली, पक्षियों की मधुर चहचहाहट और शांत वातावरण पर्यटकों को एक अनोखा अनुभव प्रदान करते हैं।अभ्यारण्य परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में ईको-टूरिज्म रेसॉर्ट्स और विश्राम गृहों की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है, ताकि आगंतुक प्रकृति की गोद में सुकून भरे पल बिता सकें।


वन विभाग का संदेशइस अवसर पर वनमंडलाधिकारी बलौदाबाज़ार श्री धम्मशील गणवीर ने कहा —> “बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि यह प्रकृति से जुड़ने और संरक्षण की भावना को जागृत करने का माध्यम है। हम सभी प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का स्वागत करते हैं कि वे इस सत्र में बारनवापारा आएं और इसकी अद्भुत जैव-विविधता का अनुभव करें।”वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सभी सुरक्षा और संरक्षण नियमों का पालन करें, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जा सके।