

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के ठीक पहले राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को अज्ञात लोगों ने नुकसान पहुंचा दिया था घटना की जानकारी मिलते ही शहर में आक्रोश फैल गया। कई सामाजिक संगठनों, खासकर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और प्रदेश बंद करनें। ऐलान किया है लोगों ने आरोप लगाया है कि न केवल महतारी की मूर्ति तोड़ी गई, बल्कि महाराजा अग्रसेन और गुरु घासीदास जी जैसे महान संतों के खिलाफ अपशब्द बोले गए, जिससे समाज की भावनाएं गहराई से आहत हुईं घटना में शामिल आरोपियों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुछ संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है।दूसरी ओर, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, सामाजिक संगठन और कई स्थानीय समुदायों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन भी किया।इन संगठनों ने कहा है कि “यह छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर हमला है” और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।यह घटना 26 अक्टूबर 2025 की देर रात को सामने आई, जब वीआईपी चौक स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को तोड़फोड़ की गई।इसके विरोध में 31 अक्टूबर 2025 को पूरे प्रदेश में बंद का ऐलान किया गया है ठीक उस दिन जब छत्तीसगढ़ अपने 25 साल पूरे कर रहा था।मूर्ति तोड़फोड़ की यह घटना राजधानी रायपुर के वीआईपी चौक इलाके में हुई। यह क्षेत्र तेलीबांधा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इसी स्थान पर “छत्तीसगढ़ महतारी” की विशाल मूर्ति लगी हुई थी, जो राज्य की संस्कृति, मातृत्व और पहचान का प्रतीक मानी जाती है।लोगों का मानना है कि यह घटना जानबूझकर की गई साजिश है, ताकि समाज में फूट डाली जा सके। कुछ स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्चस्व की लड़ाई में “छत्तीसगढ़िया बनाम बाहरी” का मुद्दा फिर से उभारा जा रहा है। लोगों ने यह भी कहा कि महाराजा अग्रसेन और गुरु घासीदास जैसे पूजनीय व्यक्तित्वों पर की गई अभद्र टिप्पणियां इस विवाद को और गहरा कर रही हैं।राज्य की जनता इसे अपनी सांस्कृतिक अस्मिता और गौरव पर प्रहार मान रही है जानकारी के मुताबिक, देर रात कुछ अज्ञात लोगों ने मूर्ति को धक्का देकर गिरा दिया, जिससे उसका ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गयासुबह लोगों ने जब यह देखा, तो गुस्सा भड़क गए और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट हो गए वही पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।विरोध बढ़ने पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, सीसीटीवी फुटेज खंगाले, और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी। बाद में प्रशासन ने मूर्ति की मरम्मत कर दोबारा स्थापित करने का आश्वासन दिया।