कुकदुर । शराब बेचने वालों और शराब पीकर हुड़दंग मचाने वालों की अब खैर नहीं पंडरिया ब्लॉक के आदिवासी बाहुल्य
ग्राम पंचायत सरईसेत में महिला-पुरुषों द्वारा नशा मुक्ति एवं ग्राम सुरक्षा महिला समिति का गठन किया जाना एक अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक पहल है। इस पहल के अंतर्गत गांव के लोग मोहल्लों में शाम के समय गश्त करेंगे। यदि कोई व्यक्ति शराब बेचते हुए या सार्वजनिक स्थल पर शराब पीते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध पुलिस कार्यवाही कराई जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की स्वयं की होगी।
सरईसेत गांव के नागरिकों द्वारा उठाया गया यह कदम सामाजिक जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। किंतु दूसरी ओर यह भी अत्यंत चिंताजनक है कि गांव में अवैध रूप से शराब बनाने और बेचने वाले तस्करों पर आबकारी विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। शिकायत करने पर न तो फोन उठाए जाते हैं और न ही किसी प्रकार की जवाबदेही दिखाई देती है।
प्रश्न यह है कि जब आम नागरिक और महिलाएं आगे आकर कानून व्यवस्था संभालने का प्रयास कर रही हैं, तो आबकारी विभाग कब जागेगा? अवैध शराब कारोबारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई कब होगी? विभाग की निष्क्रियता से न केवल ग्रामीणों में आक्रोश है,
अब समय आ गया है कि संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी समझे और अवैध शराब के कारोबार पर सख्त एवं तत्काल कार्रवाई करे, ताकि गांव को नशामुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।