

पटना | 25 अक्टूबर 2025 बिहार में लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की शुरुआत नहाय-खाय से हुई लेकिन इस शुभ मौके पर राज्यभर से बेहद दुखद खबरें सामने आईं है जिसमें अलग-अलग जिलों से 7 लोगों की मौत हुई है जिससे त्योहार की रौनक के बीच शोक का माहौल मातम में बदल गया है इनमें पटना जिले के 3, जमुई के 2, जबकि वैशाली और बांका के 1-1 व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। सभी मृतक छठ पर्व की तैयारियों में जुटे हुए थे और पूजा की रस्में निभा रहे थे छठ पूजा के पहले दिन ही नहाय-खाय के अवसर पर राज्य के कई जिलों में हादसे हुए है कुछ लोगों की मौत स्नान के दौरान डूबने से हुई तो कही गंगाजल लेने गए तीन लड़के नदी में डूब गए वही वैशाली में भी एक ही मौत हुई है जमुई में भी प्रसाद के लिए जल लेने गए दो युवा गंगाजल में समा गए बांका में भी 4 लोग नदी में डूब गए छठ पर्व का नहाय-खाय दिन पवित्र स्नान, व्रत और पूजा की शुरुआत का प्रतीक होता है। लेकिन इस बार इस पावन अवसर पर कई परिवारों में मातम छा गया है ये घटनाएं शनिवार, 25 अक्टूबर 2025 की सुबह और दोपहर के बीच हुईं है जब महिलाएं और श्रद्धालु गंगा घाटों, तालाबों या कुओं पर नहाय-खाय की रस्में निभा रहे थे। सभी मृतक स्थानीय निवासी थे जो छठ पर्व की तैयारियों में लगे हुए थे।उनके परिवारों में छठ का व्रत रखा हुआ था और घर में प्रसाद, कद्दू-भात की तैयारी चल रही थी।इनमें महिलाएं, बुजुर्ग और कुछ युवा भी शामिल हैं। मृतकों की पहचान संबंधित जिलों की पुलिस कर रही है। प्राथमिक जांच से पता चला है कि अधिकांश घटनाएं लापरवाही और सुरक्षा के अभाव में हुईं है वहीं कुछ मौतें हार्ट अटैक और सांस रुकने जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से भी हुईं हैनहाय-खाय की रस्म के तहत लोग सुबह स्नान करके व्रत की शुरुआत करते हैं। इसी दौरान कई लोग तालाब, नदी या गंगा घाटों पर थे पानी में फिसलने, तेज बहाव और असंतुलन के कारण हादसे हुए है कई स्थानों पर बचावकर्मी भी मौके पर नहीं थे, जिससे समय पर सहायता नहीं मिल सका प्रशासन ने इन घटनाओं के बाद कहा है कि आने वाले दिनों में जब अर्घ्य दान के लिए लाखों लोग घाटों पर जुटेंगे, तब सुरक्षा और बचाव इंतजाम बढ़ाए जाएंगे