

रायपुर, 25 अक्टूबर 2025 – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की प्रेरणा और राज्य सरकार की पर्यटन संवर्धन नीतियों के तहत जशपुर अब विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशेष जगह बना रहा है। यह सफलता हाल ही में जर्मनी से आए पर्यटक श्री बर्नहार्ड और श्रीमती फ्रांजिस्का के अनुभवों से भी झलकती है।पर्यटकों ने क्षेत्रीय स्टार्टअप “ट्रिप्पी हिल्स” के अनुभवात्मक पर्यटन कार्यक्रम के माध्यम से जशपुर की जनजातीय संस्कृति, कला और आत्मीयता का गहराई से अनुभव किया। यात्रा की शुरुआत मलार समुदाय से हुई, जो अपने उत्कृष्ट हस्तनिर्मित आभूषणों और शिल्पकला के लिए प्रसिद्ध है। इन कारीगरों की रचनात्मकता ने विदेशी मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया।विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा के गांव में पर्यटकों ने पारंपरिक जीवनशैली और प्रकृति के साथ गहरे संबंध को महसूस किया। इसके अलावा, अगरिया समुदाय के दौरे में लौह गलाने की पारंपरिक तकनीक का जीवंत प्रदर्शन हुआ, जिसने दोनों अतिथियों को आश्चर्यचकित कर दिया। यात्रा का समापन स्थानीय हाट-बाजार में हुआ, जहाँ रंग-बिरंगे वस्त्र, मिट्टी की खुशबू और पारंपरिक संगीत ने जशपुर की जीवंत सांस्कृतिक धड़कन को उजागर किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि जशपुर की जनजातीय संस्कृति केवल धरोहर नहीं है, बल्कि यह पर्यटन विकास का सशक्त माध्यम भी है। उनके नेतृत्व में जशपुर में सड़क, संचार और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे नए पर्यटन मार्ग विकसित हो रहे हैं।स्थानीय संगठनों जैसे “कल्चर देवी” और “अनएक्सप्लॉरड बस्तर” के सहयोग से स्थानीय समुदायों को अपने हुनर और संस्कृति को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। यह अनूठा सांस्कृतिक अनुभव स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति अब वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन रही है, जहाँ परंपरा, प्रकृति और आधुनिकता का सुंदर संगम दिखाई देता है।
रिपोर्ट
नीलेश गोयल