

छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनाने वाला ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ अब करीब है।रायपुर, 23 अक्टूबर 2025 – छत्तीसगढ़ का पर्वतीय और हरियाली से घिरा जिला जशपुर इस वर्ष फिर से उत्सव, संस्कृति और रोमांच का केंद्र बनेगा। 6 से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाला ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ पर्यटकों को प्रकृति की गोद में रोमांचक अनुभवों, जनजातीय परंपराओं और सामुदायिक उत्सव के रंगों का आनंद लेने का मौका देगा। यह आयोजन प्राकृतिक सौंदर्य, पारंपरिक संस्कृति और आधुनिक रोमांच का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।—प्रकृति की गोद में चार दिन का उत्सवजशपुर अपनी हरी-भरी पहाड़ियों, झरनों और जंगलों के लिए जाना जाता है। चार दिनों तक यह जिला उत्साह, उमंग और यादगार अनुभवों का जीवंत मंच बनेगा। देशभर से आए सैलानी यहां रोमांचक खेल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और जनजातीय लोकपर्वों की रंगीन झलक का आनंद लेंगे।—हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग शोइस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग शो। प्रतिभागी मधेश्वर पहाड़ियों के ऊपर से उड़ान भरकर जशपुर के प्राकृतिक सौंदर्य का अनोखा अनुभव करेंगे। नीले आसमान और हरी वादियों का यह संगम हर आगंतुक के लिए अविस्मरणीय रहेगा।—एडवेंचर गतिविधियाँ – कयाकिंग, एटीवी और मोटर बोटिंगरोमांच प्रेमियों के लिए कयाकिंग, मोटर बोटिंग और एटीवी राइड्स का आयोजन किया जाएगा। झरनों की धारा में कयाकिंग और जंगलों के बीच मिट्टी के रास्तों पर एटीवी राइडिंग का अनुभव हर आगंतुक के लिए यादगार रहेगा।—फॉरेस्ट ट्रेकिंग और प्राकृतिक अनुभवप्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष फॉरेस्ट ट्रेकिंग ट्रेल्स तैयार की गई हैं। घने पेड़ों के बीच, फूलों की महक और पक्षियों की चहचहाहट में चलना जशपुर की जैव विविधता से जुड़ाव का अवसर देगा। यह अनुभव पर्यावरण और पर्यटन के बीच सामंजस्य का प्रतीक है।—स्टार गेज़िंग सेशन्स और रात्री उत्सवरात्रिकालीन आयोजनों में स्टार गेज़िंग सेशन्स और बोनफायर नाइट्स विशेष आकर्षण होंगे। पारंपरिक गीत, लोकनृत्य और आग की लपटों के बीच साझा मुस्कानें इस आयोजन को आत्मीयता और उत्साह का नया आयाम देंगी।—लोकल व्यंजन और संस्कृति का संगमफेस्टिवल में स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल्स पर्यटकों को छत्तीसगढ़ की मिट्टी की असली महक और स्वाद से रूबरू कराएंगे। हस्तशिल्प, लोककला प्रदर्शनी और आदिवासी परिधान भी इस आयोजन की खासियत होंगे।‘जशपुर जम्बूरी’ सिर्फ पर्यटन उत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय गौरव और सांस्कृतिक आत्मसम्मान का प्रतीक भी है।—पर्यटकों की सुविधा और डिजिटल पहचानजशपुर प्रशासन और पर्यटन विभाग ने ठहरने, खानपान, सुरक्षा और स्वच्छता की पूरी व्यवस्था की है। इस आयोजन में एडवेंचर प्रेमी, फोटोग्राफर, ट्रैवल ब्लॉगर और इनफ्लुएंसर भाग लेंगे, जिससे जशपुर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल माध्यमों से और सशक्त होगी।—मुख्यमंत्री का संदेश> “हमारा प्रयास है कि जशपुर की प्रकृति और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिले। ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को प्रखर करेगा, बल्कि पर्यटन, उद्यमिता और सामुदायिक सहभागिता को नई ऊर्जा देगा। यह आयोजन राज्य के लिए गौरव और विकास दोनों का प्रतीक बनेगा। ऐसे आयोजनों से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी पैदा होते हैं। जशपुर के लोग जितने सादगीपूर्ण हैं, उतने ही उत्साही और साहसी भी हैं।‘जशपुर जम्बूरी’ छत्तीसगढ़ को एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करेगा।”– मुख्यमंत्री, श्री विष्णुदेव साय