बेमेतरा: ख़बर बेमेतरा जिले से है, जहाँ पूरा शिक्षा तंत्र लापरवाही की भेंट चढ़ता नज़र आ रहा है। जिले के स्कूलों में हालात ऐसे हैं कि कहीं शिक्षक अवकाश पर हैं, कहीं SIR जैसे शासकीय कार्यों में लगाए गए हैं, तो कहीं शिक्षक हड़ताल पर चले गए हैं। इसके बावजूद स्कूल संचालन के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, जो सीधे-सीधे सिस्टम की विफलता को उजागर करता है…..ताज़ा मामला बेमेतरा जिले के ग्राम ढोलिया स्थित शासकीय माध्यमिक शाला का है……यहाँ सुबह 10 बजे स्कूल खोला गया, लेकिन एक भी कक्षा नहीं चली। हालात इतने बदतर रहे कि दोपहर 1:30 बजे ही स्कूल की छुट्टी कर दी गई और उसके बाद स्कूल में ताला जड़ दिया गया। बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल पहुँचे, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा…..सबसे गंभीर बात यह है कि जिले के जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले से अनजान बने रहे……जब इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से सवाल किया गया, तो उनका जवाब था मामले की जानकारी लेकर बताता हूँ…..सवाल साफ हैं……. क्या बच्चों का भविष्य यूँ ही सिस्टम की लापरवाही की भेंट चढ़ता रहेगा…… जब शिक्षकों को अन्य कार्यों में लगाया जाना था, तो वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई….यह सिर्फ एक स्कूल की कहानी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की लापरवाही का आईना है…..अब देखना होगा कि प्रशासन जागता है या फिर शिक्षा व्यवस्था यूँ ही मज़ाक बनती रहेगी….