परपोड़ी। नगर में दिनांक 23 दिसंबर 2025 मंगलवार से दुर्गा मंच, बाजार चौक में श्री शिव महापुराण कथा महोत्सव सम्पन्न प्रारंभ हुआ है। शिव कथा में नगर एवं आसपास की श्रद्धालु सपरिवार कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे है। 27 दिसंबर दिन शनिवार को व्यास पीठ से महाराज श्री के द्वारा कार्तिकेय प्राकट्य, तारकासुर वध गणेश विवाह का सजीव वर्णन किया किया गया । 28 दिसंबर दिन रविवार को शंखचूड़ा आख्यान, हिरण्याक्ष वध, 11 रुद्र अवतार कथा श्रवण का सुअवसर श्रद्धालुओं को मिलेगा ।
व्यास पीठ में विराजे पंडित कृष्ण धर दीवान ने शनिवार को कार्तिकेय जन्म, तारकासुर का वध, गणेश जी का जन्म, गणेश जी के विवाह का वर्णन किया। व्यास पीठ से महाराज श्री ने माता पार्वती के द्वारा अपने लिए रक्षक के रूप में स्वयं के शरीर के मेल से गणेश की रचना की । फिर उसमें प्राण डालकर उसे सजीव किया। और उसे अपना पुत्र घोषित किया। फिर गणेश जी को अपने रक्षक के रूप में द्वारपाल बनाकर खड़ा किया । जब भगवान शंकर जी, माता पार्वती से मिलने आए । तब गणेश जी द्वारपाल के रूप में दिखाई दिए। गणेश एवं भगवान शंकर का युध्द हुआ , जिसमें शंकर जी ने त्रिशूल से गणेश का सर काट दिया । जब यह घटना माता पार्वती को पता चली तो वह क्रोधित हुई। तब भगवान शंकर ने गणेश जी के धड़ में हाथी के बच्चे का सर लगाकर जीवन दान दिया। फिर माता पार्वती एवं भगवान शंकर ने गणेश जी का विवाह रिद्धि सिद्धि से किया । इस प्रकार शिव जी का परिवार पूर्ण हुआ ।
शिव महापुराण में नगर एवं आसपास के ग्रामीण बड़े भाव विभाग होकर कथा श्रवण कर रहे हैं । पूरा नगर शिव कथा से धर्म में हो गया है।