सुकमा – सुकमा नगरपालिका में जारी निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया को लेकर ठेकेदारों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नगरपालिका अधिकारी जानबूझकर टेंडर फार्म उपलब्ध नहीं करा रहे हैं, जिससे केवल चुनिंदा ठेकेदारों को ही लाभ मिले। ठेकेदारों के आरोप है कि 14 नवंबर को नगरपालिका परिषद द्वारा मैनुअल पद्धति से टेंडर फार्म प्राप्त करने हेतु आवेदन दिया गया था। 8 नवंबर को जब ठेकेदारों ने निविदा फार्म उपलब्ध कराने की मांग की, तो अधिकारियों ने उनसे आदाय प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य बताया।प्रकाशित निविदा की शर्तों में आदाय प्रमाण पत्र संलग्न करना कहीं भी अनिवार्य नहीं है। नगरपालिका अध्यक्ष अपने पसंदीदा ठेकेदारों को कार्य वितरण करने के उद्देश्य से आम ठेकेदारों को टेंडर फार्म नहीं दे रहे हैं पूरी प्रक्रिया की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। यदि जांच निष्पक्ष हुई तो कई गंभीर अनियमितताएँ सामने आएँगी, जो नगरपालिका की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं।
ठेकेदार मोहित सिंह, राजेश मिश्रा, शेख नवीर, सतेन्द्र गुप्ता, आयशा हुमन, कवासी जोगा सहित अन्य ने कलेक्टर को दिए अपने आवेदन में यह मांग की है।