केशकाल –छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर केशकाल वनमंडल द्वारा इको-पर्यटन केंद्र टाटामारी में सात दिवसीय हर्बल मेला एवं पारंपरिक वैद्यों का सम्मेलन आयोजित किया गया। कांकेर वृत्त के लगभग 150 वैद्यराज इस कार्यक्रम में शामिल हुए
कार्यक्रम में एसडीओ सुषमा जे. नेताम और वनौषधि बोर्ड की वनस्पति विज्ञान सलाहकार संगीता श्रीवास्तव ने वैद्यराजों के साथ महत्वपूर्णजानकारियां साझा कीं इस दौरान केशकाल रेंजर कृष्णा ठाकुर सहित वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे वनस्पति विज्ञान सलाहकार संगीता श्रीवास्तव ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों—कोंडागांव,केशकाल, कांकेर, नारायणपुर,
भानुप्रतापपुर, नरहरपुर और कापसी—के वैद्यराजों के पारंपरिक ज्ञान का आदान-प्रदान कर उसे और समृद्ध करना है साथ ही विलुप्त होती औषधीय प्रजातियों का अभिलेखीकरण भी किया जा रहा है फरसगांव के वैद्यराज रामप्रसाद निषाद ने बताया कि कार्यशाला से वैद्यराजों को अपनी कार्यशैली में सुधार और सीखने का अवसर मिलता है। ग्राम सिंगनपुर के हड्डी विशेषज्ञ वैद्य श्यामलाल ने कहा कि वे स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम करते हैं और मरीजों को डॉक्टर से परामर्श लेने की भी सलाह देते हैं वहीं वैद्यराज कुँवर सिंह साहू ने शासन से मांग की कि पीढ़ियों से सेवा कर रहे वैद्यराजों को भी मानदेय दिया जाना चाहिए