बिलासपुर – बिलासपुर जिला के ग्राम आमागोहन–खोंगसरा परिक्षेत्र में हो रहे अवैध मिट्टी उत्खनन की जानकारी जब जिला स्तरीय खनिज विभाग और SDM को कल सवेरे दी गयी तब देर शाम होते-होते खनिज विभाग की टीम गांव पहुँची।
टीम ने मौके पर पहुँचकर जप्ती और सीलिंग की औपचारिकताएं पूरी कीं।
पोकलेन को सील चस्पा और हाइवा गाड़ियों को थाना ले जाने का दिखाने की कोशिश की गई कि विभाग कठोर कार्रवाई कर रहा है।
लेकिन यह पूरा कदम सिर्फ दिखावा था—एक नाटकीय कार्रवाई, ताकि जनता को लगे कि प्रशासन काम कर रहा है।
सीलिंग के तुरंत बाद गाड़ियाँ छोड़ी गईं, कार्रवाई सिर्फ दिखाने भर की!
खनिज विभाग की टीम ने कागजी कार्रवाई की
वीडियो और फोटो बनाकर दिखावा किया
और फिर आगे जाकर उसी वाहनों को छोड़ दिया
न कोई वास्तविक जप्ती, न कोई दण्ड, न कोई मुकदमा
खनिज विभाग
राजस्व अमला
और अन्य संबंधित अधिकारियों
के साथ मिलकर एक पूरा नेटवर्क तैयार कर रखा है, जिसके चलते अवैध खनन की हर बार फाइलें दबा दी जाती हैं
जब रक्षक ही भक्षक हो जाए…
इस पूरे मामले में सबसे चिंता की बात यह है कि जिन विभागों का काम है:
प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा
अवैध खनन रोकना
सरकारी जमीन बचाना
उन्हीं के अधिकारियों पर मिलीभगत और भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं।
“जब रक्षक ही भक्षक बन जाएँ, तब न्याय की उम्मीद किससे करें?”



