खैरागढ़— नगर पालिका की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ नगर के विभिन्न वार्डों से रोजाना एकत्रित कचरे को मणिकंचन केंद्र में लाने के बाद व्यवस्थित वैज्ञानिक निपटान करने के बजाय धमधा मार्ग स्थित मुड़पार खार में राजा कमलनारायण सिंह तालाब के किनारे खुले में फेंका जा रहा है। कचरे में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित प्लास्टिक पॉलिथिन, डिस्पोज़ल आइटम, बच्चों के डायपर और महिलाओं के सैनेट्री पैड शामिल हैं, जिन्हें खुले में छोड़ने के साथ-साथ जलाया भी जा रहा है। इससे उठने वाला जहरीला धुआँ आसपास रहने वाले नगरवासियों व किसानों के लिए गंभीर स्वास्थ्य खतरा बन गया है, जबकि मवेशी इन प्लास्टिक अपशिष्टों को खाकर बीमार पड़ रहे हैं।
इसी क्षेत्र के किसान मुन्ना सिन्हा ने बताया कि हवा से उड़कर पॉलिथिन खेतों में फैल जाती है और धुएं से काम करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि कई बार मना करने के बावजूद नगर पालिका कर्मचारी लगातार प्लास्टिक कचरा यहाँ फेंक रहे हैं, जिससे मवेशी मर रहे हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि नगर में प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग धड़ल्ले से जारी है, लेकिन नगर पालिका अब तक किसी भी दुकान, होटल या प्रतिष्ठान पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है। मणिकंचन केंद्र का कार्य प्लास्टिक की छंटाई और रीसाइक्लिंग है, पर लापरवाही के कारण टनों कचरा खुले में डंप हो रहा है, जो पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन है।
मामले पर अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वे उपलब्ध नहीं मिले। नगरवासी अब तत्काल कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।