
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि केंद्र तमिलनाडु के साथ लगातार वित्तीय और नीतिगत भेदभाव कर रहा है। स्टालिन ने कहा कि यह रवैया न केवल राज्यों की स्वायत्तता के खिलाफ है, बल्कि संघीय ढांचे की भावना को भी कमजोर करता है।मुख्यमंत्री स्टालिन ने शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा, “तमिलनाडु हमेशा विकास और राजस्व के मामले में अग्रणी रहा है, लेकिन केंद्र सरकार की नीतियां राज्य के साथ अन्याय कर रही हैं। हमें करों के बंटवारे में उचित हिस्सा नहीं मिल रहा और कई केंद्रीय योजनाओं में भी पक्षपात देखा जा रहा है।”उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा GST मुआवजा और अन्य फंडों में देरी से राज्य की विकास परियोजनाओं पर असर पड़ रहा है। स्टालिन ने केंद्र से आग्रह किया कि वह सभी राज्यों के साथ समान व्यवहार करे और तमिलनाडु के अधिकारों की अनदेखी न करे।डीएमके (DMK) प्रमुख स्टालिन ने कहा कि यह समय है जब राज्यों को अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “संघीय ढांचा तभी मजबूत रहेगा जब राज्यों को बराबरी का सम्मान और अधिकार दिए जाएंगे। तमिलनाडु किसी भी अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहेगा।”राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि स्टालिन का यह बयान केंद्र और तमिलनाडु के बीच वित्तीय संबंधों को लेकर बढ़ते तनाव को दर्शाता है। हाल के महीनों में कई बार डीएमके सरकार ने आरोप लगाया है कि केंद्र ने राज्य के हिस्से के फंडों में कटौती की है।