खैरागढ़- छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 का असर एक बार फिर दिखाई दिया है। 20 लाख रुपये के इनामी नक्सली दंपति ने बकरकट्टा थाना पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। दंपति लंबे समय से एमएमसी (मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) माओवादी नेटवर्क से जुड़े थे।
आत्मसमर्पण करने वाला नक्सली धनुष तेलाम उर्फ मुन्ना, 25 वर्ष पिता गोविंद, निवासी पेंटा जिला बीजापुर है, जो वर्ष 2020 से संगठन में सक्रिय था। उसकी पत्नी रोनी इलियासतुले माड़वी, उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम गोरनम, जिला बीजापुर, वर्ष 2017 से नक्सल संगठन से जुड़ी थी। दोनों की शादी 8 जुलाई 2025 को हुई थी। दोनों पर 10-10 लाख रुपये, कुल 20 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार सुरक्षा बलों की निरंतर कार्रवाई, विकास कार्यों की पहुंच और पुनर्वास नीति के लाभों की जानकारी मिलने से दंपति ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि दोनों को शासन की ओर से सभी पुनर्वास सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।