थाना बिर्रा क्षेत्रांतर्गत के ग्राम घिवरा, बिर्रा, करनौद, गोमदा, गोविन्दा गांव के आदिवासी गोड़ समाज के लोग भारी संख्या में उपस्थित रहे
आदिवासी गोड़ समाज के लोगों को स्वरोजगार एवं कौशल विकास से मुख्य धारा में लाने और आर्थिक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से की गई चर्चा
ग्राम धीवरा एवं करनौद में महिला कमांडो टीम का भी गठन कर टोपी, सीटी भी वितरण किया गया
नशा मुक्ति जागरूकता के दौरान नशापान के दुष्प्रभाव से होने वाले नुकसान के संबंध में लोगों को दी गई जानकारी
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) की पहल का असर अब जिले में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। सामाजिक पुलिसिंग के अंतर्गत जिले में जांजगीर चांपा पुलिस द्वारा जन जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
इसी कड़ी में दिनांक 25.11.2025 को थाना बिर्रा क्षेत्र के ग्राम धीवरा एवं करनौद पहुंचे थे जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जिले के पुलिस कप्तान ने नशामुक्ति, जन जागरूकता की बड़ी प्रशंसा की इस तरह से कार्यक्रम में शामिल होना एक गौरवशाली क्षण बताया। अवैध शराब बिक्री करना एवं शराब का सेवन करना, जुआ, सट्टा खेलने से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताया और कहा कि जिस बच्चे को सही शिक्षा मिलती है वह कभी भी काईम नहीं कर सकता।
महिलाओं को स्वसहायता समूह , बिहान ग्रुप में जुड़ने के लाभ की जानकारी दी गई साथ ही मतस्य पालन एवं आदिवासी गोड़ समाज के लोगों को हुनरमंद बनाने के लिये आश्वासन दिया गया। पूर्व में अवैध शराब के निर्माण व बिक्रीकर्ता जो आज समाज के मुख्य धारा में जुड़कर शराब निर्माण व बिक्री बंद कर मशरूम खेती, गेंदा फूल उपज एवं अन्य कृषि के माध्यम से आर्थिक रूप से सुदृढ़ हुये किसान रोहित साहू निवासी मुलमुला, श्रवण कुमार निवासी कमरीद की सफलता का जिक्र करते हुये प्रत्यक्ष भेट कराकर उदाहरण पेश किया गया।
जागरुकता कार्यक्रम से आदिवासी गोड़ समुदाय के लोगों में भी शराब बिक्री व निर्माण नहीं करेंगें व स्वरोजगार से जुड़कर परिवार को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया। पुलिस कप्तान का उनके आदिवासी गोड़ समाज के बीच मे आने एवं लोगो को जागरुक करने के लिए कार्यक्रम में आने से समाज के लोगों में काफी उत्साह दिखाई दिया।
जांजगीर-चांपा पुलिस की अपील
अवैध शराब की बिक्री एक गंभीर अपराध है, इससे समाज में कई तरह की त्रासदियां जन्म लेती हैं।
सभी नागरिक जिम्मेदारी निभाते हुए ऐसे अपराधों की रोकथाम में पुलिस का सहयोग करें।
यदि कहीं भी अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की जानकारी हो तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
उपरोक्त कार्यक्रम में आदिवासी गोड़ समाज के भारी संख्या में महिला एवं पुरूष के अतिरिक्त क्षेत्र के जन प्रतिनिधि, सरपंच, पूर्व बीडीसी व पत्रकार साथी सम्मिलित हुये।