

अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से दोनों देशों के बीच लगातार गोलीबारी और हवाई हमले हो रहे हैं। बढ़ते तनाव के बीच अब दोनों पक्षों ने 48 घंटे के सीजफायर (युद्धविराम) पर सहमति जताई है।सीजफायर से पहले बुधवार को पाकिस्तान ने काबुल और कंधार में हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 15 अफगान नागरिकों की मौत और 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। यह हमला उस जवाबी कार्रवाई के बाद हुआ, जब तालिबान लड़ाकों ने स्पिन बोल्डक क्षेत्र में पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर कब्जा कर लिया।अफगानी पत्रकार दाउद जुनबिश के अनुसार, तालिबान के जवाबी हमले के दौरान कई पाकिस्तानी सैनिक अपनी चौकियां छोड़कर भाग गए। तालिबान लड़ाकों ने उन चौकियों से सैनिकों की पैंट और हथियार जब्त किए और उन्हें “जीत की निशानी” के रूप में सोशल मीडिया पर साझा किया। एक तस्वीर में तालिबान सदस्य पाकिस्तानी चौकियों से जब्त की गई पैंट और हथियार दिखाते नजर आ रहे हैं।गौरतलब है कि पिछले हफ्ते पाकिस्तान ने काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों पर हवाई हमला किया था। यह हमला उस समय हुआ जब अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी भारत दौरे पर थे।अफगानिस्तान ने सीमा पर हुई झड़पों और अपने एयरस्पेस के उल्लंघन के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। इससे पहले मंगलवार रात को हुई झड़पों में 12 लोगों की मौत और 100 से अधिक घायल होने की खबर आई थी। इसके बाद अफगानिस्तान ने सीमा क्षेत्र में टैंक तैनात कर दिए थे।दोनों देशों के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। अफगानिस्तान का कहना है कि यह रेखा औपनिवेशिक दौर की थोपे गई सीमा है, जबकि पाकिस्तान इसे अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमा मानता है। 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है