सुकमा- छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सली कमांडर माडवी हिड़मा की मौत के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बस्तरिया राज मोर्चा के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने दावा किया है कि हिड़मा की मौत किसी मुठभेड़ का परिणाम नहीं थी, बल्कि नक्सली संगठन के भीतर सत्ता संघर्ष का हिस्सा थी। मनीष कुंजाम ने इसे फेक एनकाउंटर बताया है और आरोप लगाया है कि नक्सली महासचिव देवजी ने हिड़मा की मौत की साजिश रची थी।
मनीष कुंजाम ने कहा, “हिड़मा आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की तैयारी कर चुका था, लेकिन संगठन के शीर्ष नेताओं को यह बात स्वीकार नहीं थी। हिड़मा का आत्मसमर्पण संगठन की शक्ति और नेटवर्क के लिए सबसे बड़ा झटका होता। इसी डर और वर्चस्व की लड़ाई में देवजी के इशारे पर भीतरखाने साजिश रची गई और उसे योजनाबद्ध तरीके से खत्म कर दिया गया।
मनीष कुंजाम ने सवाल उठाया कि अगर यह सच्ची मुठभेड़ थी, तो अभी तक पारदर्शी सबूत और प्रत्यक्ष प्रमाण सामने क्यों नहीं आए। उन्होंने इस घटना की स्वतंत्र जांच कर वास्तविकता सार्वजनिक करने की मांग की है।
इसके अलावा, मनीष कुंजाम ने जंगलों में सक्रिय माओवादी साथियों से सीधे संदेश जारी किया और कहा, “देवा बारसे, ऐरा और बाकी साथियों से मेरी अपील है, हथियार छोड़ें और सुकमा में ही आत्मसमर्पण करें। आंध्रा या तेलंगाना मत जाएं। मैं पुलिस से बात करूंगा और जरूरत पड़ी तो खुद आपको लेने जंगल जाऊंगा। अब लौटने का समय है।