बस्तर – माओवादी संगठन ने कॉमरेड हिडमा की हत्या को ‘भारतीय बिरसा मुंडा की हत्या’ करार दिया।केंद्र सरकार और सुरक्षा बलों पर फर्जी मुठभेड़ का गंभीर आरोप लगाया गया।संगठन ने कहा—आदिवासियों के नरसंहार और दमन की घटनाएँ तेज़ हुई हैं।हिडमा, उनकी पत्नी राजे और साथियों की मौत को सुनियोजित बताया गया।सरकार पर जंगल–जमीन–खनिज की लूट को बढ़ावा देने के आरोप दोहराए गए।‘विकास मॉडल’ को विनाशकारी बताते हुए सैन्यीकरण और बेस कैंप बढ़ने पर सवाल उठाए गए।अदालतों और मानवाधिकार संस्थाओं की चुप्पी को लेकर नाराज़गी जताई गई।दावा—दमन बढ़ेगा तो जनप्रतिरोध और क्रांतिकारी आंदोलन भी तेज होंगे।मारे गए साथियों को संगठन ने ‘क्रांतिकारी सलाम’ देते हुए फर्जी मुठभेड़ों का विरोध किया।थिप्पिरी तिरुपति सहित हिरासत में बंद साथियों को अदालत में पेश करने की मांग की गई।