

जगदलपुर में दिवाली से ठीक पहले एक बस्ती उजड़ गई है। रेलवे ने अवैध बताई गई बस्तियों में छापेमारी करते हुए 32 घर तोड़ दिए, जिससे स्थानीय लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।स्थानीय महिलाओं ने बताया कि राशन, बेटी की शादी के लिए रखे पैसों और जरूरी सामान सहित सब कुछ मलबे में दब गया है। कई परिवार अब रात काटने पेड़ों के नीचे मजबूर हैं।प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई नियमों के तहत की गई है , लेकिन प्रभावित परिवारों का आरोप है कि उन्हें कोई वैकल्पिक व्यवस्था या मुआवजा नहीं दिया गया है।विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसी कार्रवाइयां गरीब और कमजोर वर्ग की समस्याओं को और बढ़ा देती हैं। दिवाली से पहले इस घटना ने बस्तीवासियों की जिंदगी को और कठिन बना दिया है।