आस्था और श्रद्धा से ओत-प्रोत माहौल में आज जैतालूर ने एक ऐतिहासिक पल देखा। माँ दंतेष्वरी देवी का पवित्र छत्र आज विधिवत पूजा-अर्चना के साथ जैतालूर के दुर्गा मंदिर पहुँचा। छत्र के नगर प्रवेश करते ही पूरा क्षेत्र माँ के जयघोष से गूंज उठा — “जय माँ दंतेष्वरी!”, “जय माँ दुर्गा!”
छत्र के स्वागत के लिए नगरवासियों ने भव्य तैयारियाँ की थीं। मुख्य मार्गों को रंग-बिरंगे फूलों और तोरण द्वारों से सजाया गया था। व्यापारियों से लेकर आम जनमानस तक सभी ने माँ के छत्र का स्वागत हृदय से किया। कई दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों पर दीप जलाकर श्रद्धा व्यक्त की, वहीं महिलाओं ने आरती थाल से माँ का मंगल स्वागत किया।
दुर्गा मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया था। जैसे ही माँ दंतेष्वरी का छत्र मंदिर पहुँचा, पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विशेष पूजा-अर्चना की। भक्तों ने प्रसाद अर्पित कर परिवार व समाज के कल्याण की प्रार्थना की।
इस दौरान स्थानीय व्यापारी संघ, युवा संगठन, महिला मंडल और स्कूलों के बच्चों ने भी पारंपरिक वेशभूषा में स्वागत जुलूस में भाग लिया। ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक नृत्य ने माहौल को और भी भक्तिमय बना दिया।
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि माँ दंतेष्वरी का छत्र हर वर्ष भक्तिभाव से नगर भ्रमण करता है, जिससे क्षेत्र में शांति, समृद्धि और शुभ फल की कामना की जाती है। आने वाले दिनों में मंदिर में भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रसाद वितरण का आयोजन भी होगा।
भक्तों के चेहरों पर माँ के छत्र दर्शन की खुशी साफ झलक रही थी। जैतालूर के लोग इस पल को अपने जीवन का सौभाग्य मान रहे हैं।