

खरोरा के हृदय स्थल तिगड्डा चौक में आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक मासूम बच्चे की मौत हो गई।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है इस चौक पर लगातार दुर्घटनाएं होती रही हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की कुंभकर्णीय नींद अब तक नहीं टूटी है।अखबारों और सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुद्दे को कई बार प्रमुखता से उठाया गया, यहां तक कि प्रशासनिक अधिकारियों को फोटो और जानकारी भेजकर स्थिति से अवगत भी कराया गया, लेकिन कार्रवाई कुछ दिनों से ज़्यादा टिकती नहीं।नगर पंचायत द्वारा टैक्सी चालकों के लिए निर्धारित स्थान पहले से तय है, फिर भी अधिकांश टैक्सी ड्राइवर तिगड्डा चौक पर ही वाहनों की लाइन लगाकर सवारियों का इंतज़ार करते रहते हैं। नतीजा — चौक पर लगातार भीड़ और जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे हादसे आम बात हो गई है।इतना ही नहीं, बड़ी बसें भी निर्धारित स्टैंड में खड़ी होने के बजाय चौक के बीच में खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे झगड़े और अव्यवस्था की स्थिति अक्सर देखने को मिलती है।नगर में विकास कार्यों के तहत डिवाइडर तो बनाए गए हैं, लेकिन सड़क अब पहले से संकरी हो गई है। ऊपर से टैक्सी, ट्रैक्टर और हैवी गाड़ियाँ जहां-तहां खड़ी होने से रास्ता और तंग हो गया है।इसी अव्यवस्था के चलते आए दिन वाहन भिड़ते हैं और निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कितिगड्डा चौक को व्यवस्थित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं,स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं,और वाहनों की पार्किंग के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं,ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके
रिपोर्ट
निलेश गोयल