

भिलाई (छत्तीसगढ़), शुक्रवार।सेक्टर-6 स्थित गुरु नानक इंग्लिश सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को 13वीं राष्ट्रीय गतका चैंपियनशिप का शुभारंभ हुआ। यह तीन दिवसीय प्रतियोगिता देश के 12 राज्यों से आए 500 से अधिक खिलाड़ियों की मेजबानी कर रही है। खिलाड़ी सिख परंपरा और वीरता से जुड़ी इस प्राचीन युद्धकला गतका का शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।इस आयोजन का संयोजन नेशनल गतका एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NGAI) और न्यू गतका स्पोर्ट्स एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से किया है।उद्घाटन समारोह में शामिल हुए कई गणमान्य अतिथिकार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर दुर्ग सांसद विजय बघेल, पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे, NGAI अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल, सिख पंचायत अध्यक्ष जसबीर सिंह चहल, और समाजसेवी इंद्रजीत सिंह छोटू सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।रविवार को समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों को पदक और प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।”गतका सिर्फ खेल नहीं, एक आध्यात्मिक अनुशासन है”उद्घाटन समारोह में पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडे ने गतका को भारतीय सभ्यता और सिख परंपरा की जीवंत झलक बताया। उन्होंने कहा—> “गतका केवल एक खेल नहीं, बल्कि यह एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुशासन है, जो युवाओं में साहस, आत्मसंयम और अनुशासन की भावना विकसित करता है। ऐसी प्रतियोगिताएं न केवल छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करती हैं, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी देती हैं।”गतका को ओलंपिक में शामिल करने के प्रयास जारीNGAI अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल ने बताया कि गतका को अंतरराष्ट्रीय मंचों और ओलंपिक में शामिल करने के लिए संगठन लगातार प्रयासरत है। वहीं, समाजसेवी इंद्रजीत सिंह छोटू ने घोषणा की कि स्वर्ण पदक विजेताओं को नकद पुरस्कार और विशेष खेल सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।आयोजन को मिला समुदाय का भरपूर सहयोगइस चैंपियनशिप को शहर के गुरुद्वारों, सिख पंचायतों, युवा समितियों और सांस्कृतिक संस्थाओं का व्यापक सहयोग प्राप्त हुआ है, जिससे कार्यक्रम का आयोजन भव्य और सफल बन सका है।गतका का गौरवशाली इतिहासगतका का इतिहास सिख गुरुओं के समय से जुड़ा हुआ है। यह एक प्राचीन भारतीय मार्शल आर्ट है, जो आत्मरक्षा और युद्धकला के रूप में विकसित हुई। इसमें लकड़ी की छड़ी (गट्टा), ढाल और तलवार के माध्यम से युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया जाता है।गतका केवल शारीरिक बल नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता, संतुलन और आत्मनियंत्रण का प्रतीक है — यही इसे अन्य खेलों से अलग बनाता है।