सुकमा :- सुकमा जिले के डब्बाकोन्टा में कोया कुटमा आदिवासी समाज का जिला स्तरीय दो दिवसीय वार्षिक कोया कुटम करसाड सम्मेलन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण का संदेश दे रहा है। यह आयोजन 19 से 20 जनवरी तक आयोजित किया गया, जिसमें समाज के लोगों ने परंपराओं को सहेजने और सामाजिक सुधार पर जोर दिया।
कोया कुटमा आदिवासी समाज के इस वार्षिक सम्मेलन में जिलेभर से समाज के वरिष्ठजन, युवा और महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान समाज की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक पहचान को बचाने को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ।
इस मौके पर समाज ने 16 सामाजिक नियमों पर सर्वसम्मति से सहमति बनाई। इनमें भागकर विवाह पर प्रतिबंध, विवाह समारोहों में डीजे के उपयोग पर रोक, अंग्रेजी शराब के सेवन पर प्रतिबंध और गैर-आदिवासी से विवाह करने पर कड़े आर्थिक दंड का प्रावधान शामिल है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना, सामाजिक अनुशासन बनाए रखना और आदिवासी संस्कृति को बाहरी प्रभावों से सुरक्षित रखना है। हमारी संस्कृति और परंपराएं हमारी पहचान हैं इन नियमों के माध्यम से हम आने वाली पीढ़ी को सही दिशा देना चाहते हैं। सम्मेलन के समापन के साथ समाज ने यह संकल्प लिया कि तय किए गए सामाजिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और गांव-गांव जाकर इसके प्रति जागरूकता फैलाई जाएगी,कुल मिलाकर कोया कुटमा आदिवासी समाज का यह सम्मेलन सामाजिक सुधार और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।