नारायणपुर – जिले के बखरूपारा वार्ड-6 में अंधविश्वास के चलते बड़ा विवाद खड़ा हो गया। 25 वर्षीय आरती कोसरे, जिन्हें 6 दिसंबर को बीमारी के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद 9 दिसंबर की सुबह निधन हो गया।
पास्टर के कहने पर परिवारजन मृतका को जीवित कराने की उम्मीद में शव को चंडीगढ़ की चंगाई सभा ले गए, लेकिन कोई परिणाम न मिलने पर 12 दिसंबर की सुबह शव वापस नारायणपुर लाया गया। अंध विश्वास के चलते मृतिका के शव को घुमाने को लेकर लोगों में गुस्सा।
चार दिन बाद शव घर पहुंचने से वार्डवासी हैरान रह गए और दफनाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। हिंदू संगठनों ने ईसाई समुदाय को अपने मुक्ति धाम का उपयोग करने से इंकार कर दिया, जबकि ईसाई पक्ष स्थानीय मुक्ति धाम में दफनाने पर अड़ा रहा।
दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने पर पुलिस व प्रशासन ने समझाइश दी, जिसके बाद स्थिति शांत हुई।