बिलासपुर।…आज शहर के एम आई ए हाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जाने-माने नेत्र विशेषज्ञ डॉ. मंडरिया ने लैपटॉप और मोबाइल स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से पैदा होने वाली बीमारियों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों से लेकर दफ्तरों में काम करने वाले युवाओं तक, सभी वर्गों में स्क्रीन टाइम तेजी से बढ़ रहा है, जिसके दुष्प्रभाव अब साफ दिखाई देने लगे हैं।
डॉ. मंडरिया ने बताया कि स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस के कारण बच्चे घंटों स्क्रीन के सामने बैठे रहते हैं। इससे उनमें आँखों की कमजोरी, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, नींद में बाधा और पढ़ाई में एकाग्रता की कमी जैसे लक्षण बढ़ रहे हैं।
वहीं कार्यालयों में 8–10 घंटे लगातार लैपटॉप पर काम करने वाले वयस्कों में गर्दन दर्द, कमर दर्द, आँखों में जलन, सूखापन, तनाव और डिजिटल एडिक्शन जैसी समस्याएँ आम होती जा रही हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि डिजिटल उपकरणों का उपयोग उचित नियमों के साथ नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में ये समस्याएँ गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती हैं।
डॉ. मंडरिया ने स्क्रीन टाइम को सीमित करने, हर 25–30 मिनट के बाद आँखों को आराम देने, ब्लू-लाइट प्रोटेक्शन का उपयोग करने, सही मुद्रा में बैठने और बच्चों की नियमित आँखों की जाँच कराने की सलाह दी।
अंत में उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और संस्थानों से मिलकर जागरूकता बढ़ाने की अपील की, ताकि तकनीक का उपयोग स्वास्थ्य के लिए खतरा न बने, बल्कि नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से हो सके।