एंकर , जिंदल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत देवी कथा के सातवें दिन छत्तीसगढ़ सुप्रसिद्ध भागवत आचार्य राजेंद्र शर्मा देवी भागवत कथा श्रवण करने पहुंचे जहां उन्होंने व्यास पीठ की पूजा अर्चना कर मां भगवती से आशीर्वाद प्राप्त किया भक्तगणों को व्यास पीठ से पंडित नंदकिशोर पांडेय ने सुकन्या चरित्र में बेटियों के संस्कार को लेकर कहा आधुनिक समय में हम अपनी बेटियों को भौतिक शिक्षा तो देते हैं, परंतु लौकिक व पारिवारिक जीवन का ज्ञान देने में चूक जाते हैं, जिसके कारण अनेक बेटियों का दांपत्य जीवन में परेशानीयां आती है कथा में हरिश्चंद्र चरित्र, शाकंभरी,एवं
दुर्गा अवतार, की कथा श्रवण कराते हुए शिव विवाह पार्वती प्रसंग को लेकर कहा मां पार्वती बचपन से ही बाबा भोलेनाथ की अनन्य भक्त थीं। और भगवान भोलेनाथ को पाने के लिए कठोर तपस्या की और मां पार्वती ने महादेव को पाया भोलेनाथ देवताओं के आग्रह पर बारात लेकर हिमालय राज के यहां नंदी भृंगी सभी को देवताओं के साथ भूत-प्रेत चुड़ैल डाकिनियों के साथ हिमालय राज के निवास पर पहुंचे भोलेनाथ के विचित्र वेशभूषा देख कर। मां मैंनां अपनी का विवाह के लिए मना कर दिया
मां पार्वती एवं ब्रह्माजी के आग्रह पर भोलेनाथ ने अपना मनमोहक रूप बनाया उसके बाद सभी देवता एवं ब्रह्मा जी की उपस्थिति में शिव-पार्वती का विवाह संपन्न हुआ।