बलरामपुर…विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र सत्यापन मामले में कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर हलचल दिखी।
विधायक की ओर से अधिवक्ता उदय राज सिन्हा पेश हुए और सबसे पहले समिति के क्षेत्राधिकार पर आपत्ति दर्ज कर दी। यह आपत्ति अब शिकायतकर्ता पक्ष को सौंप दी गई है।
अधिवक्ता ने कहा कि विधायक की तीन पीढ़ियां सरगुजा में रहती रही हैं, शिक्षा भी वहीं हुई है और उनका जाति प्रमाण पत्र सक्षम अधिकारी ने वर्ष 2003 में जांच के बाद जारी किया था।
इधर बड़ी संख्या में पहुंचे समाज के लोग और कांग्रेस पदाधिकारियों ने सुनवाई टलने पर आक्रोश जताया, हालांकि लिखित आदेश आने के बाद भीड़ शांत हो गई।
आवेदक पक्ष के कई आरोप फिर निराधार साबित हुए— जिसमें “नोटिस के बाद भी उपस्थित नहीं होने” और “प्रमाण पत्र स्वयं जारी कराने” जैसे दावे शामिल थे। अब मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगी।