7.5 लाख की मजदूरी अटकी, मजदूर परेशान — मरवाही वनमंडल पर उठे सवाल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही:- गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में मरवाही वनमंडल के खोडरी वनपरिक्षेत्र के बीट नेवरी में काम करने वाले 50 से अधिक मजदूर पिछले चार महीनों से वनमंडल कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। वजह है कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी ग्रीन क्रेडिट योजना के तहत किए गए पौधरोपण संबंधित कार्यों के बावजूद विभाग ने उन्हें मजदूरी का भुगतान नहीं किया है। मजदूरों की बकाया राशि करीब 7 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है।मजदूरों ने बताया कि उन्होंने जून से सितंबर 2025 तक स्टैकिंग कार्य, साफ-सफाई, खाद डलाई, पौधरोपण, पौधा ढुलाई, घास छिलाई और फेसिंग जैसे काम किए। इन कार्यों की कुल मजदूरी 7 लाख 50 हजार रुपये से अधिक है, जो अभी तक नहीं मिली। दीपावली त्योहार से पहले भुगतान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई राशि नहीं मिलने से मजदूर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।नाराज मजदूरों ने वनमंडलाधिकारी मरवाही को ज्ञापन सौंपकर तत्काल मजदूरी दिलाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगे।वन विभाग की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन मजदूरों का कहना है कि बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। इस मामले ने जिले में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं…
बाईट:- मजदूरों की बाइट