
खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य — मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर, 09 नवंबर 2025:“छत्तीसगढ़ मेरी जन्मभूमि और कर्मभूमि है। यहीं की मिट्टी, यहां के लोग, यहां की शिक्षा और संस्कारों ने मुझे यह मुकाम हासिल करने की ताकत दी है।”यह कहना था विश्वकप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी का, जिन्होंने आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात कर अपनी सफलता की खुशी साझा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने आकांक्षा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि,> “आपकी सफलता पूरे छत्तीसगढ़ की सफलता है। महिला क्रिकेट टीम के वर्ल्ड कप अभियान में प्रदेश की बेटी के शामिल होने से हम सभी को गर्व की अनुभूति हुई है।”मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आकांक्षा सत्यवंशी को मेडल पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।—🏏 “छत्तीसगढ़ की बेटियां हर क्षेत्र में आगे” — मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि,> “आकांक्षा ने यह सिद्ध कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों की बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी।”उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल, शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है ताकि और अधिक युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार खेल अलंकरण सम्मान को पुनः प्रारंभ कर रही है तथा ओलंपिक में शामिल होने वाले और पदक विजेता खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि,> “प्रदेश के सुदूर अंचलों की खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए ‘बस्तर ओलंपिक’ जैसे आयोजनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अपने खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिसके लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।”—💬 “वर्ल्ड कप जीतना छत्तीसगढ़ का भी सम्मान” — आकांक्षा सत्यवंशीआकांक्षा सत्यवंशी ने मुख्यमंत्री के साथ अपनी यात्रा और अनुभव साझा करते हुए कहा,> “वर्ल्ड कप जीतना न केवल भारतीय महिला टीम की बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की जीत है। मुझे गर्व है कि मैंने अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए इस सफलता में योगदान दिया।”उन्होंने बताया कि मैदान में सक्रिय खिलाड़ी न होने के बावजूद टीम की फिटनेस, मानसिक दृढ़ता और रिकवरी की जिम्मेदारी उनकी थी।> “मैं हमेशा अपनी टीम के साथ चट्टान की तरह खड़ी रही। यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मैं इस ऐतिहासिक जीत की यात्रा का हिस्सा रही।”आकांक्षा ने कहा —> “यदि लक्ष्य सच्चा हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है।”इस अवसर पर आकांक्षा ने मुख्यमंत्री को भारतीय महिला टीम की साइन की हुई जर्सी भेंट की और वर्ल्ड कप अभियान की कुछ यादें साझा कीं।—🧘♀️ “योग, संयमित आहार और अनुशासन — फिटनेस का मंत्र”फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा ने मुख्यमंत्री के साथ खिलाड़ियों की फिटनेस पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन से पूरी टीम प्रेरित रहती है।> “प्रधानमंत्री कहते हैं कि खेल जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। फिटनेस को लेकर उनका दृष्टिकोण हर किसी को स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है।”इस दौरान आकांक्षा ने मुख्यमंत्री से उनके फिटनेस का रहस्य भी पूछा, जिस पर मुख्यमंत्री श्री साय ने मुस्कुराते हुए कहा —> “हम सभी प्रधानमंत्री से प्रेरित हैं। उनकी सक्रियता, ऊर्जा और अनुशासन से सीखना चाहिए। संतुलित आहार, योग और नियमित दिनचर्या ही फिट रहने का मेरा मंत्र है।”—🏅 मुख्यमंत्री ने दी 10 लाख रुपये की सम्मान राशिभारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक जीत में आकांक्षा के योगदान को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें 10 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान करने की घोषणा की।—📘 आकांक्षा सत्यवंशी: छत्तीसगढ़ की प्रेरक बेटीजन्मस्थान: दुर्गनिवास: रायपुरपैतृक गांव: कवर्धाशिक्षा: फिजियोथेरेपी में स्नातक — छत्तीसगढ़ से; मास्टर्स — कटक सेकरियर की शुरुआत: वर्ष 2019 में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट टीम (CSCS) से बतौर फिजियोथेरेपिस्टराष्ट्रीय पहचान: 2022 में भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम के वर्ल्ड कप अभियान का हिस्सा बनींसिर्फ छह वर्षों के पेशेवर करियर में आकांक्षा ने अपने समर्पण, मेहनत और प्रोफेशनलिज़्म से राष्ट्रीय खेल जगत में विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने खिलाड़ियों की फिटनेस, रिकवरी और मानसिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।—🌟 “आकांक्षा की सफलता, हर छत्तीसगढ़वासी का गर्व”आकांक्षा सत्यवंशी ने यह साबित किया है कि मेहनत, लगन और अनुशासन से छत्तीसगढ़ की बेटियां भी विश्व पटल पर अपनी चमक बिखेर सकती हैं। उनकी सफलता न केवल भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य का सम्मान भी है।