
छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए यह गर्व का क्षण है — निरीक्षक नितेश सिंह ठाकुर, जो पूर्व में खरोरा थाना में पदस्थ रह चुके हैं और वर्तमान में कोमाखान जैसे छोटे कस्बे में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक से सम्मानित किया गया है।यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे पुलिस विभाग की साख, समर्पण और जनसेवा की भावना का प्रतीक है, जो आज भी ईमानदारी, न्याय और संवेदनशीलता के मूल्यों पर टिका हुआ है।—
सेवा और साहस का अद्भुत संगमनिरीक्षक नितेश ठाकुर का अब तक का सेवा सफर साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण रहा है।वर्ष 2016 से 2020 तक वे सुकमा जिले में पदस्थ रहे, जहां उन्होंने नक्सल प्रभावित और अतिसंवेदनशील क्षेत्र चिंतागुफा थाना में दो वर्षों तक थाना प्रभारी के रूप में कार्य किया।इस अवधि में उन्होंने अदम्य साहस और अद्भुत नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए कई नक्सली अभियानों का नेतृत्व किया और दुश्मनों के मनोबल को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।उनके शौर्यपूर्ण कार्य और निर्भीक निर्णय क्षमता के लिए शासन द्वारा उन्हें आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया गया
जो स्वयं उनके साहस और दक्षता की उच्चतम मान्यता है।इसके बाद रायपुर में पदस्थापना के दौरान उन्होंने शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के थानों में अपनी सेवाएं दीं।रायपुर जैसे व्यस्त और जटिल क्षेत्र में उनकी निष्पक्षता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने उन्हें एक कुशल और जनहितैषी अधिकारी के रूप में पहचान दिलाई।

सरदार पटेल जयंती पर विशेष सम्मानभारत के प्रथम गृह मंत्री, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर प्रतिवर्ष इस पदक की घोषणा की जाती है।यह वही दिन है जब देशभर का पुलिस बल राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिज्ञा को दोहराता है।देश के हजारों योग्य अधिकारियों में से चयनित कुछ ही नामों में इस वर्ष निरीक्षक नितेश ठाकुर का नाम शामिल होना, उनकी कार्यकुशलता, ईमानदारी और न्यायप्रियता का साक्षात प्रमाण है।—न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धताअपने सेवा काल में नितेश ठाकुर ने हमेशा कानून को सर्वोपरि माना है।उनकी जांच की सटीकता, संवेदनशील मामलों में परिपक्व निर्णय क्षमता और समयबद्ध निष्पादन ने उन्हें विभाग में एक विशिष्ट पहचान दी है।जिस प्रकरण के लिए उन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ, वह समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग — नाबालिक बालिका से जुड़े अपराध का मामला था।जहां न्याय की राह अक्सर लंबी और कठिन होती है, वहां निरीक्षक ठाकुर ने अपने अनुभव और दृढ़ संकल्प से यह साबित किया कि यदि इच्छा शक्ति और ईमानदारी हो, तो न्याय में देरी नहीं होती।उन्होंने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी कर, पुख्ता साक्ष्य जुटाए और निर्धारित समय सीमा में न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया।नतीजतन, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शीघ्र सुनवाई करते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।यह फैसला केवल एक पीड़िता के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक संदेश था —“कानून की पकड़ मजबूत है और न्याय आज भी जीवित है।”


पुलिस सेवा में विश्वास का प्रतीकआज जब समाज में पुलिस व्यवस्था पर प्रश्न उठते हैं, तब निरीक्षक नितेश ठाकुर जैसे अधिकारी उस भरोसे और उम्मीद को फिर से जीवित करते हैं।वे साबित करते हैं कि वर्दी केवल अधिकार का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और संवेदना का प्रतीक है।केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक की चयन प्रक्रिया अत्यंत कठोर होती है।इसमें अधिकारी की सेवा अवधि, अनुशासन, निष्पक्षता, कार्यनिष्ठा और विभागीय छवि का सूक्ष्म मूल्यांकन किया जाता है।इन सभी कसौटियों पर नितेश ठाकुर न केवल खरे उतरे, बल्कि उन्होंने यह भी सिद्ध किया कि स्वच्छ छवि और निष्पक्ष कार्य आज भी सर्वोच्च मान्यता प्राप्त कर सकते हैं।—छोटे कस्बे से राष्ट्रीय पहचान तककोमाखान थाना, जो सीमित संसाधनों वाला क्षेत्र है, वहां से राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि अधिकारी अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठावान हो, तो बड़े शहरों की सुविधाओं की आवश्यकता नहीं होती।ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण ही सबसे बड़ी शक्ति हैं।—एक प्रेरक मिसालआज जब पुलिस की भूमिका केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और नागरिक विश्वास कायम रखने तक विस्तृत हो गई है, तब निरीक्षक नितेश ठाकुर जैसे अधिकारी पूरे विभाग के लिए प्रेरणा स्रोत बनते हैं।उनकी सफलता ने न केवल कोमाखान और महासमुंद जिले को सम्मान दिलाया है, बल्कि राज्य और देश भर में छत्तीसगढ़ पुलिस की साख को नई ऊंचाई दी है।
रिपोर्ट
नीलेश गोयल