

छत्तीसगढ़ में 2028 के चुनावों की तैयारी के तहत मतदाता सूची वोटर लिस्टकी घर-घर जांच सक्रिय रूप से की जा रही है। पिछले चुनावों में फर्जी नाम, डुप्लीकेट नामों और अन्य अनियमितताओं के आरोप बढ़ने के बाद इस बार निगरानी बढ़ाई जा रही है। इस प्रक्रिया में संशोधन, हटाने और सत्यापन का प्रमुख उद्देश्य है।यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि मतदाता सूची में ऐसे नाम शामिल पाए गए थे जिसमें फर्जी भी निकले थे इसके इस बार घर-घर जाकर वेरिफिकेशन किया जाएगा और प्रत्येक वोटर का पता, पहचान, निवास आदि का प्रमाण पत्र की भी जरूरत पर सकती है यदि किसी का नाम सूची में है लेकिन उस व्यक्ति का निवास या पहचान सत्यापित नहीं हो रही तो उस नाम को हटाया जा सकता है। इस प्रकार, मतदाता सूची को “सटीक”, “अप-टू-डेट” और “विश्वसनीय” बनाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि आगामी चुनाव के दौरान मतदाता-वोटिंग प्रक्रिया में अनियमितताओं को किसी भी तरह का कोई दिक्कत नहीं हो इस तरह की घर-घर वेरिफिकेशन एवं अद्यतन प्रक्रिया चुनाव आयोग द्वारा लागू किया गया ही और अन्य राज्यों में भी देखी जा सकती हैयदि सूची में नाम खारिज हो जाता है या हटाया जाता है, तो उस व्यक्ति को आगे चुनाव में वोट डालने से पहले सूची-सुधार में नाम जोड़ना पड़ेगा और पुनः नामांकन की प्रक्रिया करनी पड़ेगी मतदाता को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके नाम में कोई गलती न हो — जैसे पता गलत दर्ज होना, नाम की स्पेलिंग में त्रुटि, उम्र/जन्म-तिथि में अन्तर आदि घर-घर वेरिफिकेशन के दौरान वोटर को दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं — जैसे आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र, मतदाता पहचान पत्र आदि