उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार देर शाम संगम तट पर धरना दे रहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर में हंगामा मच गया। कुछ उपद्रवी युवकों ने लाठी-डंडा लेकर धरना स्थल पर पहुंचकर शंकराचार्य के करीब जाने की कोशिश की।
शंकराचार्य के समर्थकों ने आरोप लगाया कि युवक भक्तों के बीच में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन भक्तों की मौजूदगी के कारण उनका मंसूबा पूरा नहीं हो सका। इस दौरान युवकों ने ‘आई लव बुलडोजर बाबा’ के नारे लगाए। घटना से शंकराचार्य और उनके समर्थकों में भारी आक्रोश है।
शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने प्रेस नोट जारी कर घटना की निंदा की और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शंकराचार्य ने तहरीर में कल्पवासी थाना अध्यक्ष को बताया कि शाम 6.30 से 7 बजे के बीच कुछ युवक हाथों में डंडा और भगवा झंडा लेकर शिविर में जबरन घुसने की कोशिश करने लगे। भक्तों ने उन्हें रोका, जिससे मारपीट की कोशिश हुई और अफरा-तफरी मच गई।
शंकराचार्य ने शिविर की संपत्ति और वहां रह रहे साधुओं-श्रद्धालुओं के लिए खतरा बताते हुए सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई घटना या दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की होगी। घटना के बाद शंकराचार्य अपनी वैनिटी वैन में चले गए।
यह घटना मौनी अमावस्या (18 जनवरी) पर स्नान विवाद के बाद से जारी धरने के सातवें दिन हुई है। शंकराचार्य लगातार सातवें दिन स्नान पर धरने पर बैठे हैं। इस घटना से विवाद और तेज हो गया है। पुलिस अधिकारियों की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।